10 Habits of unproductive people । Unproductive लोगों की 10 आदतें

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Habits of unproductive people
Habits of unproductive people Photo by Steve Johnson on Unsplash

दुनियाँ मे बहुत तरह के लोग हैं जो काम तो खूब करते हैं मगर अंत मे शिकायत करते हैं की अमुक काम ठीक से नहीं हुआ या सही समय पर सम्पन्न नहीं हुआ । कभी कभी तो काम की quality भी अच्छी नहीं होती । इस तरह की शिकायत करने वाले लोग unproductive लोगों की श्रेणी मे आते हैं।

मगर यही लोग क्या ये बात जानते हैं की वो unproductive क्यों हैं? शायद नहीं, क्योंकि ये सब जानने के लिए भी इनके पास समय नहीं होता ।

तो चलिये जानते हैं की unproductive लोग किन किन आदतों के शिकार होते हैं।

सुबह देर तक सोना पसंद है

ऐसे लोग बहुत आलसी होते हैं। सुबह की शुरुआत ही लेट होती है। इन्हे सुबह देर तक सोना पसंद है। ऐसे लोग एक मिनट भी जल्दी उठने से कतराते हैं। भगवान जाने ऐसा कौन सा सपना रोज़ देखते हैं की आखिरी मिनट तक सोना चाहते हैं।

ऑफिस मे लेट पहुँचने मे अपनी शान समझते हैं

ऐसे लोग एक तो लेट सो कर उठेंगे और उसके बाद ऑफिस के लिए 10 मिनट मे तैयार हो जाएंगे। बाद मे भाग भाग कर ऑफिस पहुंचेगे और बहाने बनाएँगे की रास्ते मे बहुत ट्रैफिक था इसलिए लेट हो गया।

ऑफिस मे अपने काम की लिस्ट नहीं बनाते

अगर देखा जाये तो ऑफिस मे बहुत से काम होते हैं जिन्हें लिस्ट बनाकार करने मे ही भलाई है मगर unproductive लोग कोई भी लिस्ट नहीं बनाते। बॉस जो भी बोलेगा बस वही करना शुरू कर देंगे। ये बिलकुल ऐसा ही है जैसे मदारी डमरू बजाता है और बंदर नाचता है।

Unproductive लोग काम की लिस्ट तो बनाते हैं, मगर वो काम की नहीं होती

कुछ लोग बॉस को इम्प्रेस करने के लिए होशियारी दिखाते हैं और एक डायरी हमेशा अपने पास रखते हैं। बॉस ने जो भी बोला वो डायरी मे ऐसे लिखते हैं जैसे उस काम का पूरा दारोमदार उनके ऊपर ही है। काम की लिस्ट तो बड़ी लंबी बना लेंगे मगर वो किसी काम की नहीं होगी। एक ही दिन मे 20-20 काम भला कौन कर सकता है ?

बहुत सारे कामों मे फ़ोकस करते हैं

यह बात पूरी तरह से साबित हो चुकी है की multitasking करने से फ़ोकस मे कमी आ जाती है और कोई भी काम quality wise नहीं होता । मगर फिर भी कुछ सुपर हीरो एक साथ 10 – 10 कामों मे फ़ोकस करने की कोशिश करते हैं। काम तो हो जाते हैं मगर काम का ‘काम’ हो जाता है।

लंच टाईम मे ही काम की आवश्यकता दर्शाते हैं

सभी कार्यालयों मे ऐसे लोग मिल जाएगे जो सुबह से ले कर दोपहर तक बस जेब मे हाथ डालकर घूमेंगे और लंच टाईम आते ही काम मे लग जग जाएंगे । ऐसे लोग बॉस को बोलेंगे ‘सर, काम थोड़ा ज्यादा है, आप लंच स्टार्ट कीजिये मैं आपको 10 मिनट मे जॉइन करता हूँ’

लंच के बाद बुलेट की स्पीड से काम मे लग जाएंगे

अक्सर देखा गया है की लंच के बाद थोड़ा आलस सा आने लगता है और काम की स्पीड कम हो जाती है। मगर unproductive लोग इन सब बातों से परे होते हैं। वो दोपहर के बाद ही एक्टिव होते हैं और द्रुतगामी गति से काम आरंभ करते हैं। ऐसा नहीं है कि उनकी तीसरी आँख खुल गई है, बल्कि उनकी सोच कर फटने लगती है कि बस 3 घंटे बचे हैं और 10 के 10 काम बाकी हैं।

अपने काम दूसरों को टिकाने की कोशिश

ऐसे लोगों से जब काम नहीं हो पाता तो वो अपना काम किसी न किसी बहाने से दूसरों को टिकाने मे लग जाते हैं। बाद मे मारा मारी करने के बाद शाम तक केवल 2 काम ही निपटा पाते हैं। उस पर भी बॉस के सामने शेख़ी बघारने लगेंगे कि आज बहुत काम था फिर भी मैनेज करके 2 काम कर ही दिये । सोचिए, ऐसे काम की quality क्या होगी ?

क्षमता से अधिक काम ले लेना

Over-Commitment यानी कि क्षमता से अधिक काम ले लेने से भी productivity पर फर्क पड़ता है। लोगों को समझना चाहिए कि जितना बूता हो बस उतना ही काम लो। बॉस के सामने ज्यादा होशियारी पेलने से खुद का ही नुकसान होता है और कार्यक्षमता पर बुरा असर पड़ता है।

काम खतम नहीं करते

आज के गला काट competition मे कोई पीछे नहीं रहना चाहता। इस चक्कर मे लोग बहुत सारे प्रोजेक्ट, बहुत सारे काम अपनी डेस्क पर इकट्ठा कर लेते हैं। वो सभी प्रोजेक्ट्स को parallel मे लेकर काम करना स्टार्ट करते हैं और अंत मे कुछ भी खतम नहीं कर पाते।

इससे अच्छा तो ये है कि हम selective प्रोजेक्ट लें या कुछ चुनिन्दा कामों पर ही फोकस करें। काम करने की प्राथमिकता तय करें और क्रमबद्ध तरीके से कामों को निपटाते चलें।

दोस्तों, यहाँ बताई गई आदतों के अलावा भी बहुत सारी आदतें हैं जिन्हें त्याग कर हम अपने काम को productive बना सकते हैं और अपना समय बचा सकते हैं। अगर आपके पास भी ऐसे कई विचार हैं तो हमारे साथ ज़रूर शेयर करें।

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